आबकारी मंत्री कवासी लखमा को शराब दुकानें खोलने के लिये किस का फोन आ रहा था, यह स्पष्ट करना चाहिये – नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक

रायपुर : विधानसभा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा को शराब दुकानें खोलने के लिये किस का फोन आ रहा था, यह स्पष्ट करना चाहिये। पूरे देश‑दुनिया में कोरोना के त्राहिमाम की स्थिति में है। इसके बीच प्रदेश सरकार की प्रथामिकता केवल शराब बेचने की है। प्रदेश में कोरोना से और स्थिति गंभीर हुई तो इसके लिये कौन जिम्मदार होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल बजट 1 एक लाख 200 करोड़ इस वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसमें आबकारी कर 5200 करोड़ प्रस्तावित है। प्रतिमाह आबकारी कर से 433 करोड़ प्रस्तावित है। इस प्रकार तीन माह में भी दुकानें बंद होती है तो कोई राजस्व प्राप्त नहीं भी होगा तो 1200 करोड़ के राजस्व की कमी आएगी। जो पूरे बजट का मात्र 1.2 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि केवल इसी राशि के लिये समूची जनता के जान को जोखिम के डालना किनता उचित है? उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अव्होर रेट पर शराब बेची जा रही है। केवल आबकारी विभाग मुकदर्शक बना हुआ है। पूरे प्रदेश में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं और प्रदेश सरकार अपना पूरा ध्यान शराब बेचने में केंद्रित कर रही है, जिसकी जितनी निंदा की जाये कम है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि पूरे प्रदेश में मातृ शक्ति शराब ब्रिकी का विरोध कर रही हैं। उसके बाद भी प्रदेश सरकार के कानों में जू तक नहीं रेंग रहा है। महिला संगठन लगातार उग्र विरोध कर रही है। इन सबके बाद भी प्रदेश की सरकार जनभावनाओं के मुताबिक शराब ब्रिकी के विरोध के बाद भी अपने हठ पर अडिग है। शराब की वजह के पूरे प्रदेश में अप्रिय घटनाएं बढ़ रही हैं। धरसींवा, जाजंगीर व कई जगह पर अप्रिय घटना हुई है।

इस पर भी प्रदेश सरकार की कोई चिंताएं नहीं है। वही राजनांदगाव में दो व्यक्तियों की मौत शराब की वजह से हुई है, जिसके लिये कौन जिम्मेदार है। पूरे प्रदेश में शराब की ब्रिकी को बंद करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को केवल 1200 करोड़ के राजस्व की चिंता नहीं करनी चाहिए। पूरे प्रदेश की जनता की चिंता करनी चाहिए। वैसे भी प्रदेश सरकार को इस वर्ष 15700 करोड़ का लोन लेना प्रस्तावित है। जो कुल बजट का 15 प्रतिशत होगा। जो छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद सबसे बड़ी राशि होगी। उन्होंने कहा कि इस समय राजस्व की चिंता न करते हुए अपने खर्चों को कम करते हुए केवल कोरोना की लड़ाई को प्राथमिकता देना चाहिए।

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