जिलें प्रवासी श्रमिकों के लिए 1087 क्वारेंटाईन सेंटर बनाए गए

कवर्धा, 14 मई 2020। कबीरधाम जिले में कोरोना वायरस (कोविड‑19) के बचाव रोकथाम एवं नियंत्रण के उपायों के तहत 1087 क्वारेंटाईन सेंटर बनाए गए है। यह सभी क्वारेंटाईन सेंटर प्रवासी श्रमिकों अथवा अन्य नागरिकों के लिए है। इन सेंटर में बाहर से आने वाले सभी श्रमिकों अथवा नागरिकों को 14 दिन अथवा चिकित्सा परामर्श अनुसार उससे अधिक दिनों के लिए क्वारेंटाईन किया जाएगा। जिले में कोविड‑19 के बेहतर प्रबंधन और रोकथाम के लिए बेहतर कार्य संपादित करने के लिए 49 जोनल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने आज जिला कार्यालय में क्वारेंटाईन सेंटर की सुचारू रूप से बेहतर कार्य संपादित करने के लिए जोनल अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर जेके ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ विजय दयाराम के, मुख्य चिकित्साधिकारी अधिकारी एसके तिवारी,सर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विशेष रूप से उपस्थित थे।
कलेक्टर शरण ने जोनल अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इनमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में बाहर से आने वाले व्यक्तियों को क्वारेंटाईन हेतु क्वारेंटाईन सेंटर का चिन्हांकन किया किया गया है। अधिकाशः सभी क्वारेंटाईन सेंटर गांव के बाहर होने है तथा उस क्वारेंटाईन सेंटर से कोई व्यक्ति बाहर ना जा सकें, इस हेतु बेरिकेटिंग कराया जाये। इसकी निगरानी ग्राम पंचायत सचिव, कोटवार द्वारा किया जायें। यदि क्वारेंटाईन सेंटर किसी सामुदायिक भवन अथवा स्कूल में बनाया गया हो तो ऐसी व्यवस्था की जायें, कि सेंटर के अंदर भी अलग-अलग खंड हो, ताकि यदि कोई व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है, तो तत्काल उसे दूसरे खण्ड में शिफ्ट किया जा सके। इन व्यक्तियों के स्नान एवं शौचालय के लिए पृथक से उचित व्यवस्था किया जाये। किसी भी खुले स्थान पर शौच ना करें। संभव हो तो बायो डेग्रिडिबल शौचालय का इस्तेमाल किया जाये।

किसी भी अवस्था में इन्हें ग्रामीणों द्वारा निस्तारी हेतु उपयोग किये जाने वाले तालाब के उपयोग से वर्जित रखा जाये। इन लोगों का यथासंभव नहाने हेतु कैम्पस में ही उचित स्नानागार की व्यवस्था किया जायें। इनके भोजन की व्यवस्था करते समय दो गज की दूरी रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के समस्त नियमों का पालन किया जायें। भोजन परोसने वाले व्यक्ति सावधानी बरतते हुए भोजन परोसे। इनको भोजन डिस्पोजेबल पत्तल, गिलास में उपलब्ध कराया जाये। उपयोग के पश्चात् इन सामग्रियों को डिप‑बरियल की विधि से निस्पादन किया जायें। सेंटर के पीछे ही गड्ढे खोदकर पत्तल, गिलास आदि का डिस्पोजल किया जायें। इनको 14 दिनों तक किसी भी प्रकार के कैम्पस से बाहर जाने नहीं दिया जायें या अन्य ग्रामीणों से मिलने से वंचित रखा जायें। कंटेनमेंट क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सामाजिक, सार्वजनिक गतिविधियां नहीं की जाये। इनमें से किन्हीं व्यक्तियों को सर्दी, खांसी, बुखार अथवा श्वांस लेने में तकलीफ होने की अवस्था में तथा कोविड‑19 के संभावित लक्षण होने पर, तत्काल सूचना क्वारेंटाईन सेंटर के प्रभारी के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को प्रेषित किया जायेगा। ऐसे व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर, तत्काल निकटस्थ आईसोलेशन सेंटर में भेजा जायें।
क्वारेंटाईन सेंटर व मजदूर कैम्प से किसी व्यक्ति का सैंपल टेस्टिंग हेतु भेजने की अवस्था में उक्त व्यक्ति की जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी अवस्था में डिस्चार्ज नहीं किया जाये। इन कैम्पों में क्वारेंटाईन स्थापित करने एवं संचालित करने का दायित्व ग्राम पंचायत का होगा। कम्युनिटी सर्वेलेंस का कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आवश्यकतानुसार कान्टैक्ट ट्रेसिंग का कार्य शिक्षकों द्वारा किया जायेगा। ग्राम के कोटवार के द्वारा सोशल डिस्टेसिंग का कार्य सुनिश्चित कराया जायेगा। इन निर्देशों के पालन की निगरानी की जिम्मेदारी स्थानीय राजस्व अधिकारी की होगी। इन क्वारेंटाईन सेंटर में सेवा देने वाले व्यक्ति को जानकारी दी जाये, कि ये संदग्धि व्यक्ति है तथा संक्रमित हो सकते है। वे पर्याप्त सावधानी बरते एवं अनावश्यक इनसे ना मिले। इन कैम्पों में राजस्व विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य संबंधित विभाग द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है। इस क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रत्येक अधिकारी तथा कर्मचारी को अपनी सुरक्षा हेतु दूरी बनाये रखने, मास्क अनिवार्य रूप से पहनने एवं अन्य समस्त आवश्यक उपायों का पालन सुनिश्चित कराने हेतु निर्देशित किया जाये।

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