इस खबर को पढ़कर आपके भी आँखे हो जाएंगे नम.. 90 साल की उम्र में बिसाहू साहू ने ली अंतिम सांस, बेटी ने की अंतिम संस्कार,देखिए वीडियो.…

मैं कड़ी धूप में चलकर इस यकींन के साथ मैं जलूँगा तो मेरे घर में उजाले होंगे ये सोचकर मैं आगे बढ़ता रहा मगर ऐसा नही हो सका ये ख्वाब बड़े अरमान से एक बुजुर्ग ने अपने दोनों बेटियों के लिए देख रहा था उस बेटियो की हाँथ पीले कर उनके घर बसाने की बुजुर्ग गरीब पिता का सपना टूट गया और 90 साल की उम्र में आज दोनों बेटियों को छोड़कर वीरगति प्राप्त हो गए।

ये कहना वाकई में गलत नही है,कहा जाता है जीने के कोई नही होते उनके भगवान होते है, जी हां हम बात कर रहे है एक ऐसे गरीब परिवार की जो इनकी कहानी पढ़कर सभी के अंख नम हो जाएंगे। कवर्धा शहर के निवासी वार्ड नं 20 में बुजुर्ग बिसाहू साहू अपने दोनों बेटि बड़ी बेटी प्रतिमा और छोटी बेटि गंगा साहू के साथ सालो से शहर में रह रहे थे शुरू से ही बिसाहू साहू गरीब परिवार में जन्म लेकर सालो से गरीबी की मार झेल रहा था उनके पत्नी की भी कुछ साल पहले निधन हो गई थी उसी समय से दोनों बेटियों को लेकर बिसाहू काफी चिंता सताने लगे थे बिसाहू मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे वही बुजुर्ग होने के कारण आये दिन स्वास्थ्य खराब चल रहे थे जिसके कारण से काम बंद कर दिए थे जिसके कारण से अपने परिवारों को पालना और बेरियों की शादी करना बड़ी मुश्किल हो रहा था कई दिन तो भूखे पेट ही दिन गुजारा करते थे। बुजुर्ग पिता की स्वास्थ्य खराब होने के कारण दोनों बेरियों ने परिवार पालने के लिए दूसरे के घरो में झाड़ू पोछा और बर्तन साफ कर दो पैसे की कमाई कर रही थी जिसके उसके घर में एक समय का भोजन खा कर जीवन यापन कर रही ही वही कुछ दिन के बाद बुजुर्ग पिता की तबियत बिगड़ गई बेटी प्रतिमा के साथ पैसे नही होने के कारण किसी बड़े हॉस्पिटल में इलाज नही करा पा रही थी शहर के जिला असपताल में बुजुर्ग पिता का इलाज चल रहा था और और पिता को ले जाने लिए ऑटो या रिक्शा के लिए पैसे नही थे वही वार्ड नं 20 के पार्षद पति को अनिल साहू को मामले की जानकारी लगते ही बुजुर्ग बिसाहू साहू की मदद करने लगे और आये दिन अपने पैसे से या अपनी गाड़ी से हॉस्पिटल लाना ले जाना शुरू कर दिए थे । आज अचानक बुजुर्ग बिसाहू साहू 90 साल की उम्र में दोपहर में निधन हो गया । जैसे दोनों बेटी घटना सुने की अब पिता नही रहे उतने में रो रो कर बेटियों बुरा हाल हो गया ।

घटना के बाद उन दोनों बेटियों के पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे नही थे निधन की घटना सुनते ही पार्षद पति अनिल साहू गरीब बेटियो की मदद के लिए आगे आये अंतिम संस्कार के सारे खर्च अपने पैसे से की आज जो काम पार्षद पति अनिल साहू ने की है दूसरे जनप्रतिनिधियों के लिए नजीर बनी हुई है। बुजुर्ग बिसाहू का अंतिम संस्कर राजनांदगांव रोड भाजपा कार्यालय के सामने मुक्तिधाम में विधिविधान के साथ बेटी प्रतिमा ने नम आंखों से अंतिम संस्कार की । जब बेटि की अग्नि संस्कार देख शव यात्रा में शामिल लोग भी अपने आंसू नही रोक पाए और सभी उस दृश्य को देखकर रोने लग गए। अब गरीब बेटी सरकार से कुछ आर्थिक मदद के लिए गुहार लगा रही है देखना यही होगा कि अब शासन और प्रशासन गरीब बेटियों की कितना मदद करती है ।

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