इस समय कोरोना वायरस से सबसे अधिक खतरा और अनलॉक होने जा रहा देश

भारत में कोरोना वायरस से अभी सबसे अधिक खतरा है, लेकिन देश अनलॉक 1 की तरफ बढ़ चुका है. ऐसे में डर है कि दो माह के लॉकडाउन में कोरोना की रफ्तार पर जो ब्रेक लगी थी, वो अब फुल स्‍पीड में रफ्तार न भरने लगे. अनलॉक‑1 में सरकार की ओर से जो गाइडलाइन जारी की गई है, उस पर भी सभी लोगों को ध्‍यान देने की जरूरत है. रविवार को लगातार पांचवें दिन भी कोविड‑19 (Covid-19) के मामलों में 9,000 से अधिक की वृद्धि हुई और पहली बार मामलों की संख्या एक दिन में 10,000 के स्तर को पार कर गई.

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में रविवार को जहां, 9,971 नये मामले सामने आए और कुल संक्रमितों की संख्या 2,46,628 पर पहुंच गई, वहीं मृतक संख्या 6,929 हो गई है. दूसरी ओर शनिवार सुबह से लेकर रविवार सुबह तक 24 घंटे में 287 लोगों की मौत हुई. राज्यों के आंकड़ों पर आधारित पीटीआई की तालिका के अनुसार पहली बार एक दिन में संक्रमण के मामलों की संख्या 10,000 के पार चली गयी और 10,218 नये मरीज सामने आए हैं. ऐसे समय में देश अनलॉक होने जा रहा है.

करीब दो महीने तक लॉकडाउन (Lock­down) के बाद सोमवार से देश में शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल, होटल और रेस्तरां फिर से खुलने जा रहे हैं, जिनमें नये नियमों के तहत प्रवेश के लिए टोकन प्रणाली जैसी व्यवस्थाएं अपनाई जाएंगी. वहीं मंदिरों में ‘प्रसाद’ आदि का वितरण नहीं होगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, शॉपिंग मॉल, होटलों और रेस्तरां तथा धार्मिक स्थलों पर जाना पहले जैसा आसान नहीं होगा. मॉल में सिनेमा हॉल, गेमिंग आर्केड और बच्चों के खेलने की जगहें पहले की तरह प्रतिबंधित स्थल में रहेंगी.

पंजाब सरकार ने मॉलों में प्रवेश के लिए टोकन देने की प्रणाली अपनाई है. गुजरात में कुछ धार्मिक स्थलों ने श्रद्धालुओं के लिए टोकन प्रणाली शुरू की है ताकि सामाजिक दूरी के नियम का पालन हो. उधर, दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक दिन पहले कहा, ‘हम कल दिल्ली की सीमाएं खोलने जा रहे हैं. मॉल, रेस्तरां और धार्मिक स्थल खुलेंगे लेकिन होटल और बैंक्वेट हॉल बंद रहेंगे क्योंकि हमें आने वाले समय में उन्हें अस्पतालों में तब्दील करना पड़ सकता है.’

दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि ऐतिहासिक मस्जिद सोमवार से खुलेगी जिसमें सुरक्षा के सभी कदम उठाए गए हैं. उन्होंने हालांकि कहा कि सरकार को कोविड‑19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर धार्मिक स्थलों को खोलने पर पुनर्विचार करना चाहिए. बुखारी ने कहा कि लोगों से कहा गया है कि वे मस्जिद में नमाज के लिए आने से पहले अपने घर में ही वजू करें. मस्जिद में वजू के काम आनी वाली हौज खाली कर दी गई है, नमाज के लिए लोग अपने घरों से चटाई लेकर आएंगे. एक‑दूसरे के शरीर से दूरी बरकरार रखने के लिए फर्श पर निशान बनाए गए हैं. उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को मस्जिद आने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भी आठ जून से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तहत 820 केंद्रीय संरक्षित स्मारकों को खोलने की मंजूरी दे दी है. गोवा और महाराष्‍ट्र में चर्च और मस्जिदों को कुछ और समय तक बंद रखने का फैसला लिया गया है. बिशप अनिल कोउतो, दिल्ली, आर्चडियोसीज ने कहा कि रोमन कैथलिक चर्च के तहत आने वाले गिरजाघर सोमवार से तत्काल नहीं खुलेंगे.

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सीसगंज, रकाबगंज और बंगला साहिब गुरद्वारों में भी संक्रमणमुक्ति सुरंग स्थापित की गई हैं. समूचे परिसरों को नियमित तौर पर संक्रमणमुक्त किया जा रहा है. एक‑दूसरे के शरीर से दूरी सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश और निकास बिंदुओं की संख्या बढ़ा दी गई है. लोगों को सिर ढंकने के लिए कपड़ा नहीं दिया जाएगा, उन्हें अपना खुद का कपड़ा सिर पर रखना होगा. गुरुद्वारे में जूते-चप्पल संभालने का काम नहीं होगा और पैरों को साफ करने के लिए संक्रमणमुक्त पानी का इस्तेमाल किया जाएगा. श्रद्धालुओं को गुरुद्वारों में बैठने की अनुमति नहीं होगी और अरदास करने के तुरंत बाद उन्हें बाहर जाना होगा.

हालांकि केंद्र ने लॉकडाउन लागू करने के समय का बचाव किया तथा इन खबरों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया कि उसने रणनीति बनाने में तकनीकी विशेषज्ञों से सलाह नहीं ली. सरकार ने यह भी कहा कि वह सामने आ रही जानकारी और जमीनी अनुभवों के आधार पर कोविड‑19 के खिलाफ रणनीति को दुरुस्त कर रही है.

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