जनसुरक्षा की दृष्टि से संक्रमितों के नाम उजागर होना चाहिये- निखिलेश

खतरनाक महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है, वहीं अब गांव- गली में पैर पसार चुका कोरोना अब पुरे देश में तीव्रता के साथ बढ़ता जा रहा है. अब तो हर शहर और कस्बों में विश्वव्यापी महामारी कोरोना एक से अनेक में बड़ी तेजी के साथ फैलने लगा है. वायरस के प्रति लोगों में खासा दहशत व्याप्त है. कवि और लेखक निखिलेश सोनी प्रतीक ने कहा स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को संक्रमित और संदेही व्यक्ति चाहे वह आम नागरिक, व्यवसायी, पुलिस, वकील, चिकित्सक अथवा मजदूर जो भी हो उसका नाम बिना किसी विलम्ब के उजागर करना चाहिये ताकि भयंकर और जानलेवा वायरस से लोग बच सके, ऐसा ना हो कि हुआ किसी अज्ञात शख्स को है और पुरे अमले पर लोगों को संदेह हो. स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन द्वारा नाम उजागर नहीं किये जाने से आम लोग का संक्रमित से संपर्क बनने का डर बना रहता है, ऐसे में कोई आम नागरिक भी संक्रमित का नाम लिखने से डरता है कही मामला बिगड़ ना जाये. अब तक लोगों को सुनने में आया कि पुलिस को हुआ, एजेंट को हुआ, व्यापारी को हुआ, नाई को हुआ, मजदूर को हुआ„„, लेकिन पुख्ता नाम उजागर नहीं किये जाने से उस तबके के हर व्यक्ति को संदेह से देखा जाता है, उसे खुद को पाक साफ़ बताना पड़ता है, बेहतर है कि हजारों की बेशकीमती जान की रक्षा की खातिर उस एक संक्रमित व्यक्ति चाहे वह जो भी हो उसका नाम बिना किसी देरी के उजागर करना चाहिये ताकि उस पेशे से जुड़े बाकी लोग उसके संपर्क में ना आ सके और उससे सतर्क रह सके तथा खुद भी लोगों के संदेह से बच सके.

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