कबीरधाम जिले में संसदीय सचिव श्री गुरूदयाल सिंह बंजारे ने किया ’’गोधन न्याय योजना’’ का शुभारंभ

कवर्धा 20 जुलाई 2020। छत्तीसगढ़ सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली ’’गोधन न्याय योजना’’ की शुरूआत कबीरधाम जिले के 74 गौठानों में एकसाथ शुरू हुई। किसानों और छत्तीसगढ़ की पहली तिहार हरेली महापर्व पर इस योजना की शुरूआत छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव व नवागढ़ विधायक गुरूदयाल सिंह बंजारे ने की। उन्होंने सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम इरिमकसा और बोड़ला विकास के ग्राम मिनमिनिया मैदान के गौठान में गौ पालकों से गोबर खरीदकर इस महत्वकांक्षी योजना की शुरूआत की। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई ’’गोधन न्याय योजना’’ देश की पहली योजना है जहां इस योजना के तहत गोबर खरीदी की जाएगी। उन्होंने गौ माता की और किसानों के प्रमुख औजार नागर व अन्य कृषि उपकरणों की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने गौठानों में वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पा साहू, डॉ. थानेश्वर पाटिला, नीलकंठ चंद्रवंशी, कवर्धा नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि शर्मा, जिला पंचायत सदस्य तुकाराम चंद्रवंशी, लोहारा जनपद अध्यक्ष लीला वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष उषा श्रीवास, बोड़ला नगर पंचयात अध्यक्ष सावित्री साहू, सभापति अर्चना चंद्रवंशी एवं कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा, वन मंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर, जिला पंचायत सीईओ विजय दयाराम के. सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के पंच‑सरपंच एवं गौठान समिति के अध्यक्ष, महिला स्व. सहायता समूह के सदस्यगण प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
संसदीय सचिव गुरूदयाल सिंह बंजारे ने ’’गोधन न्याय योजना’’ की शुभारंभ करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के सपने साकार हो रहे है। उन्होंने कहा है कि समग्र छत्तीसगढ़ की अर्थव्यस्था कृषि पर आधारित है। इस अर्थव्यवस्था को सशक्त और मजबूती प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा गांव, गरीब, किसान और युवाओं के हित में अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। प्रदेश सरकार ने अपने शासन के शुरूवाती दिनो से ही किसानो के हित में तमाम निर्णय लिये है चाहे वह धान खरीदी या फिर कर्जा माफी। इसी कड़ी में गोधन न्याय योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थतंत्र को एक नई दिशा देना है क्योंकि भारत की आत्मा ग्रामो मे बसती है और ग्राम विकास का पर्याय ही देश प्रदेश का विकास है अतः शासन की सुराजी योजनाओ के माध्यम से गोठानो को विकास के नये केन्द्र के रूप में ंविकसित किया जा रहा है। इससे ग्रामीणो युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध तो होगा ही साथ उन्हे आय का नया जरिया प्राप्त होगा। गोठानो के बनने से अब गौवंश का अब उचित रख रखाव एवं देखभाल भी हो रहा है। गोधन न्याय योजना का एक उद्देश्य यह भी है की हमे अपने खेतो और बाड़ियों मे रासायनिक खाद का कम से कम उपयोग कर जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देना है गोठानो मे निर्मित किये गये जैविक खाद को वर्मी कम्पोस्ट बनाकर किसानो को उचित दर में उपलब्ध भी कराया जायेगा। इसके साथ ही उन्होने गोबर खरीदी करने वाले स्व‑सहायता समुह के उज्जवल भविष्य की कामना भी की।
इस मौके पर रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि निश्चित ही गोधन न्याय योजना किसानो एवं पशुपालको के हित में एक क्रातिंकारी योजना साबित होगी चुकिं रासायनिक खादो के बढ़ते उपयोग ने फलो एवं सब्जियों की गुणवत्ता एवं स्वाद को काफी हद तक खत्म कर दिया है। अब समय आ गया है कि कृषक अब अपने खेतो में जैविक खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करें और यह खाद उन्हे गोठानो से प्राप्त वर्मी कम्पोस्ट के माध्यम से प्राप्त होगा। गोधन न्याय योजना का दुरगामी परिणाम यह भी है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरो मे वृद्धि होगी। उन्होने आगे बताया कि जिले के 74 गोठानो में आज गोधन न्याय योजना की शुरूवात कर दी गई और स्व‑सहायता समुह द्वारा दो रूपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदी की जा रही है। इस अवसर पर डॉ. थानेश्वर पाटिला, नीलकंठ चंद्रवंशी, कवर्धा नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि शर्मा ने संबोधित करते हुए ’’गोधन न्याय योजना’’ की विस्तार से जानकारी दी।

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